तीसरे दिन भी झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई जारी, BMO ने गांव-गांव पहुंचकर की छापेमारी, पुलिस से मांगा सहयोग
आजाद भारत न्यूज़-प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट-
कोटा/बेलगहना, बिलासपुर। कोटा विकासखंड में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. निखिलेश गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेलगहना क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर संदिग्ध अवैध क्लीनिकों की जांच की। अभियान के दौरान पुलिस प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया, ताकि कानूनी कार्रवाई प्रभावी ढंग से की जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 24 जुलाई 2026 को बेलगहना क्षेत्र के बहेरामुड़ा गांव में कथित झोलाछाप चिकित्सक प्रेम गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता के क्लीनिक पर छापेमार कार्रवाई की गई। टीम के पहुंचने पर क्लीनिक में ताला बंद मिला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर विधिवत कार्रवाई की तथा संबंधित व्यक्ति को वैध चिकित्सकीय दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

PHC बेलगहना का आकस्मिक निरीक्षण
छापेमारी अभियान के दौरान BMO ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों की बैठक लेकर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्षेत्र में सक्रिय निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जहां भी झोलाछाप डॉक्टरों के संचालन की जानकारी मिले, उसकी तत्काल सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जाए ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।

पुलिस से मांगा सहयोग
अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बेलगहना पुलिस चौकी में आवेदन प्रस्तुत कर झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हेतु पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। आवेदन में छापेमारी, जांच एवं आगे की वैधानिक कार्रवाई के दौरान पुलिस सहयोग की मांग की गई है।


BMO का बयान
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिलेश गुप्ता ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम को फील्ड में सक्रिय किया गया है और सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने की शिकायत मिलेगी, वहां तत्काल जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान रहेगा जारी
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि पूरे कोटा विकासखंड में नियमित रूप से जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य बिना वैध अनुमति चिकित्सा कार्य करने वालों पर रोक लगाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। लगातार हो रही कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कई कथित झोलाछाप डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक बंद कर दिए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर जांच के दौरान क्लीनिक बंद पाए गए।
आजाद भारत न्यूज़ इस अभियान की प्रत्येक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।
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