आमामुड़ा प्राथमिक शाला में पालकों का प्रदर्शन, दो शिक्षकों को हटाने की मांग; चक्काजाम की चेतावनी
शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर भी उठे सवाल; मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करेंगे पालक
प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट-आजाद भारत न्यूज़
बेलगहना/कोटा, बिलासपुर।
बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला आमामुड़ा में शिक्षकों को हटाने की मांग को लेकर पालकों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। संकुल केंद्र बानाबेल के अंतर्गत आने वाले इस स्कूल में पालकों ने प्रधान पाठक राधेश्याम पोर्ते और शिक्षक रवि शंकर पैकरा पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप लगाया है। विरोध में पालकों ने स्कूल के बाहर टेंट लगाकर धरना-प्रदर्शन किया और दोनों शिक्षकों को हटाने की मांग की।
पालकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर चक्काजाम करने की भी चेतावनी दी है।
प्रधान पाठक सहित दोनों शिक्षकों को हटाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे पालकों का कहना है कि स्कूल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि शिक्षकों के कथित व्यवहार से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के शैक्षणिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
पालकों ने बताया कि शिक्षक रवि शंकर पैकरा के खिलाफ पहले भी शराब पीकर स्कूल आने को लेकर शिकायत की जा चुकी है। पालकों का दावा है कि उनके पास इस संबंध में साक्ष्य भी मौजूद हैं। अब उन्होंने प्रधान पाठक राधेश्याम पोर्ते को भी हटाने की मांग उठाई है।
पालकों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित शिक्षकों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर भी सवाल
स्कूल में मध्यान्ह भोजन के संचालन को लेकर भी पालकों ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि भोजन बनाने वाले समूह में कुल 12 सदस्य हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो लोग ही भोजन बनाने का काम कर रहे हैं।
पालकों ने भोजन व्यवस्था की जांच कराने और निर्धारित नियमों के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने वर्तमान में भोजन बनाने वाले दोनों लोगों को हटाने की मांग भी रखी है।
बच्चों को मध्यान्ह भोजन करने से भी रोका
विरोध-प्रदर्शन के दौरान पालकों ने बच्चों को मध्यान्ह भोजन करने से भी रोक दिया। पालकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती और दोनों शिक्षकों को स्कूल से नहीं हटाया जाता, तब तक वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
इस घटनाक्रम से बच्चों की नियमित पढ़ाई और मध्यान्ह भोजन योजना प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन के सामने पालकों की शिकायतों की जांच के साथ बच्चों की शिक्षा और भोजन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती भी है।
मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में करेंगे शिकायत
प्रदर्शन कर रहे पालकों ने बताया कि वे मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत करेंगे। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
पालकों ने शिक्षा विभाग से जल्द जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि स्कूल में पढ़ाई का माहौल बेहतर हो सके और बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
आमामुड़ा प्राथमिक शाला में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। एक ओर पालकों ने शिक्षकों और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों की पढ़ाई और पोषण प्रभावित होने की स्थिति भी चिंता का विषय है।
अब देखना होगा कि शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग कब जांच करता है और आरोपों की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल पालकों ने अपना विरोध स्पष्ट कर दिया है और प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।

क्या शिक्षा विभाग करेगा निष्पक्ष जांच?शराब के नशे में स्कूल में आने की यह 6 से अधिक मामला है। हर बार की तरह कारण बताओ नोटिश और फिर माफी,रवैय्या जस का तश।
पूरी खबर पढ़ें और अपनी राय कमेंट में बताएं।
#आजादभारतन्यूज #AjaadBharatNews #आमामुड़ा #कोटा #बिलासपुर #छत्तीसगढ़ #शिक्षाविभाग #प्राथमिकशाला #शिक्षा #मध्यान्हभोजन
![]()