August 30, 2025

426 मासूमों की जान पर खतरा! सुकमा- शिक्षक ने सब्जी में मिलाई फिनाइल, जांच के बाद FIR की तैयारी

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आजाद भारत न्यूज़ लाइव- सुकमा- बच्चों की थाली में जहर

सुकमा के पाकेला पोटाकेबिन में शिक्षक पर सब्जी में फिनाइल मिलाने का आरोप, समय रहते टला बड़ा हादस,दोषियों पर हो कार्यवाही।

सुकमा ज़िले के पाकेला पोटाकेबिन में सोमवार को ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को दहला दिया। यहां एक शिक्षक पर बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में फिनाइल मिलाने का गंभीर आरोप लगा है। यदि समय रहते इसकी भनक नहीं लगती, तो दर्जनों मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

क्या हुआ था?

पोटाकेबिन में रोज़ की तरह बच्चों के लिए बीन्स की सब्जी बनाई जा रही थी। जैसे ही बच्चों को खाना परोसा जाने लगा, उसी समय सब्जी से तेज़ फिनाइल की बदबू आने लगी। बच्चों और रसोई कर्मचारियों ने तुरंत इसकी शिकायत की। यही सतर्कता इस बार बच्चों की जान बचाने में कारगर साबित हुई।

कैसे खुला राज़?

जांच टीम को दिए गए बयान में बच्चों ने बताया कि चम्मच चलाते ही बदबू इतनी तेज़ थी कि सबका सिर भारी होने लगा। इसके बाद भोजन तुरंत रोक दिया गया और मामले की सूचना उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई।

जांच और अधिकारियों की कार्रवाई

शिकायत मिलने के अगले ही दिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम पोटाकेबिन पहुंची। टीम ने बच्चों, कर्मचारियों और शिक्षकों से अलग-अलग पूछताछ की।

पूछताछ में कई बच्चों ने एक शिक्षक का नाम लिया, जिस पर सब्जी में फिनाइल मिलाने का आरोप लगा।

आरोपी शिक्षक को तत्काल पोटाकेबिन से हटा दिया गया है।

उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पूरी घटना की रिपोर्ट कलेक्टर को भेज दी गई है।

कितना बड़ा हादसा टला?

पोटाकेबिन में इस समय 426 बच्चे पंजीकृत हैं और रोज़ाना भोजन करते हैं। अगर फिनाइल मिली हुई सब्जी बच्चों तक पहुँच जाती तो यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। सौभाग्य से बच्चों और कर्मचारियों की सतर्कता से यह हादसा टल गया।

प्रशासन का बयान

सहायक आयुक्त और अन्य अधिकारियों ने देर रात तक जांच की और भोजन नष्ट कराया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि “यह बेहद गंभीर मामला है, बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

बड़ी चिंता

यह घटना शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाता तो यह लापरवाही बच्चों के जीवन पर भारी पड़ सकती थी।
सुकमा के पाकेला पोटाकेबिन की यह घटना इस बात की चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में और ज्यादा सतर्कता और निगरानी की आवश्यकता है।

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