May 13, 2026

इंजीनियर और ठेकेदार की जुगलबंदी ने विकास को लगाया चूना: घघरा में सांसद निधि के लाखों रुपए डकार गए भ्रष्टाचारी

0
img-20260513-wa0005687174396653892387.jpg

आजाद भारत न्यूज़ से विशेष खबर-

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिले की जनपद पंचायत पेंड्रा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घघरा से विकास कार्यों में बंदरबांट और भ्रष्टाचार का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ माननीय सांसद महोदया श्रीमती ज्योत्स्ना चरणदास महंत की सांसद निधि (MPLADS) के तहत स्वीकृत ₹5 लाख की लागत से बने शेड निर्माण कार्य में जमकर पलीता लगाया गया है। हालत यह है कि निर्माण कार्य पूरा होते ही इसकी बदहाली साफ़ दिखने लगी है, लेकिन विभागीय अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।

आखिर किसके संरक्षण में इस सरेआम लूट को अंजाम दिया गया और अब किसे बचाने की कोशिश हो रही है? यह सवाल आज घघरा की जनता प्रशासन से पूछ रही है। नाममात्र का ‘शेड’, लाखों की ‘हेराफेरी’ ग्राम पंचायत घघरा के खालेपारा में स्वीकृत वर्ष 2025-26 के तहत ₹5 लाख की भारी-भरकम राशि से शेड निर्माण का कार्य कराया गया। कागज पर तो विकास की चमचमाती तस्वीर खींच दी गई, लेकिन धरातल की हकीकत बेहद भयावह है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताए इस पूरे निर्माण कार्य में बेहद घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री (बालू, सीमेंट और लोहा) का इस्तेमाल किया गया है। निर्माण की गुणवत्ता को देखकर ऐसा लगता ही नहीं कि इस पर ₹5 लाख खर्च हुए हैं। चंद रुपयों का घटिया काम कराकर, बाकी की मोटी रकम आपस में बांट ली गई है।”


ठेकेदार और इंजीनियर की ‘जुगलबंदी’ ने लगाया चूना सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल के पीछे ठेकेदार और विभागीय सब-इंजीनियर (उप-अभियंता) का तगड़ा गठजोड़ है। बिना तकनीकी मापदंडों की जांच किए और बिना गुणवत्ता परखे, कागजों पर काम को ‘ओके’ कर दिया गया। इंजीनियर साहब ने दफ्तर में बैठकर ही मूल्यांकन (Evaluation) कर दिया गया ऐसा प्रतीत होता है.? और जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये बंदरबांट की भेंट चढ़ गए। मामला उजागर होने के बाद भी अधिकारियो की ‘रहस्यमयी चुप्पी’ सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि मामला पूरी तरह उजागर होने और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद भी जनपद पंचायत और जिले के आला अधिकारी आंखें मूंदकर क्यों बैठे हैं आखिर अधिकारियों की यह रहस्यमयी चुप्पी क्या बयां करती है क्या इस भ्रष्टाचार की मलाई ऊपर तक पहुंची है, शेड निर्माण पर हुए भ्रष्टाचार पर केवल लीपापोती की जा रही है दोषी ठेकेदार और लापरवाह इंजीनियर पर अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही जनता पूछ रहे है सवाल क्या सांसद निधि का पैसा क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा के लिए होता है, न कि भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की जेबे गर्म करने के लिए। देखना यह है कि जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस पर संज्ञान लेकर जांच टीम गठित करते हैं, या फिर हमेशा की तरह इस ‘मलाईदार’ भ्रष्टाचार की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

आजाद भारत न्यूज़ स्थानीय संवाददाता की रिपोर्ट +916268626929

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page