वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निवास का घेराव, नियमितीकरण की मांग तेज, कर्मचारियों ने भरी हुंकार
आजाद भारत न्यूज़- रायगढ़, 1 मई 2026।
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने मजदूर दिवस के अवसर पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के निवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को लेकर आक्रोश जताया।

मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण और स्थायीकरण
समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए
2 वर्ष से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों को स्थायी किया जाए
ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधी भर्ती की जाए
श्रम कानून के अनुसार उचित वेतन और सुविधाएं दी जाएं।

कर्मचारियों का आरोप
कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव के समय किए गए वादों के बावजूद अब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
हड़ताल की चेतावनी
फेडरेशन के प्रदेश संयोजक रामकुमार सिन्हा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
मजदूरों की स्थिति
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने बताया कि:
कई श्रमिक वर्षों से कार्यरत हैं, फिर भी अस्थायी हैं
सुरक्षा श्रमिकों को 12 से 18 घंटे तक काम करना पड़ता है
इसके बावजूद उन्हें बहुत कम वेतन मिलता है
वर्तमान वेतन और कानूनी पहलू
राज्य में न्यूनतम वेतन (अकुशल श्रमिक) लगभग ₹15,220 प्रति माह निर्धारित है
5 वर्ष से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का अधिकार है
उच्च न्यायालय के हालिया फैसलों में कर्मचारियों को पुरानी सेवा का लाभ देने की बात कही गई है।
स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। स्थिति को नियंत्रित रखा गया, हालांकि कर्मचारियों का आक्रोश साफ नजर आया।
रायगढ़ में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक बड़ा संकेत है। यदि समय रहते मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर बड़ा रूप ले सकता है।
![]()
