वाह रे महंगाई? गांव में पेट्रोल 150 से 160 रुपये, राशन प्रिंट रेट से महंगा, फ़ूड इंस्पेक्टर नहीं करते दौरा, कालाबाजारी बढ़ी।
कोटा-बिलासपुर-छत्तीसगढ़ से फील्ड रिपोर्ट-
कोटा-बिलासपुर | आजाद भारत न्यूज़
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती महंगाई के बीच आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी और कथित कालाबाजारी से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गांवों में पेट्रोल-डीजल से लेकर राशन सामग्री तक निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नियमित निरीक्षण नहीं करते, जिससे दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, कई गांवों में अधिकृत पेट्रोल पंप 25 से 30 किलोमीटर दूर होने के कारण लोगों को मजबूरी में स्थानीय दुकानों से पेट्रोल-डीजल खरीदना पड़ता है। इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए कुछ लोग कथित रूप से अवैध तरीके से ईंधन बेच रहे हैं और 150 से 160 रुपये प्रति लीटर तक कीमत वसूल रहे हैं। पेट्रोल पंप में मामूली मूल्य वृद्धि होने पर गांवों में स्थानीय स्तर पर कीमतें कई गुना बढ़ा दी जाती हैं, जिससे किसानों, मजदूरों और आम ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इन ग्रामो में बढ़ी हुई कीमत में बिक रही सामग्री- ग्राम खोंगसरा,आमागोहन, टाटीधार, टेंगनमाड़ा, और उनके आश्रित ग्राम।

सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि राशन सामग्री भी प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायतें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किराना दुकानों में उपभोक्ता वस्तुओं पर मनमानी कीमत वसूली जा रही है, लेकिन जांच और कार्रवाई के अभाव में यह सिलसिला लगातार जारी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले रसोई गैस सिलेंडर वितरण को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। गैस आपूर्ति प्रभावित होने और कालाबाजारी की शिकायत फूड इंस्पेक्टर आशीष दीवान से की गई थी, लेकिन कथित तौर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, सुशासन शिविर के दौरान भी इस मुद्दे पर सवाल उठे थे, जहां संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर चर्चा हुई थी।
महंगाई और कथित कालाबाजारी से परेशान ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय-समय पर फूड विभाग और प्रशासनिक अधिकारी गांवों का दौरा कर जांच करें, तो आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। फिलहाल ग्रामीण कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिम्मेदार विभाग उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।
छत्तीसगढ़ में कालाबाजारी, जमाखोरी और तय मूल्य से अधिक (महंगे) सामान बेचने की शिकायत दर्ज कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल निम्नलिखित हैं:
- मुख्यमंत्री हेल्पलाईन: किसी भी प्रकार की जन-शिकायत के लिए 1076 पर कॉल करें।
- नागरिक कॉल सेंटर: उपभोक्ता शिकायत के लिए 155300 डायल करें।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन): राशन, खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी व मिलावट की शिकायत के लिए 1967 या 1800-233-3663 पर संपर्क करें।

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