कल मनाया जाएगा 77वाँ गणतन्त्र दिवस, देशभर में तैयारी पूरी। 🇮🇳
आजाद भारत न्यूज़ | 25 जनवरी 2026
नई दिल्ली/देशभर: प्रदीप शर्मा
गणतन्त्र दिवस भारत गणराज्य का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष 2026 में भारत का 77वाँ गणतन्त्र दिवस पूरे देश में हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे, वहीं राज्यों, जिलों, ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों में भी ध्वजारोहण एवं विविध आयोजन किए जाएंगे।
गणतन्त्र दिवस के दिन देशभर में शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत भवनों तथा सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान और देशभक्ति कार्यक्रमों की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। बच्चों द्वारा भाषण, कविता, नृत्य, देशभक्ति गीत, प्रभात फेरी एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की जाएंगी।
राजधानी दिल्ली में मुख्य आयोजन
देश की राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतन्त्र दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। परेड में भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल, एनसीसी और विभिन्न सांस्कृतिक दल हिस्सा लेंगे।
इसके साथ ही राज्य झांकियों के माध्यम से भारत की विविध संस्कृति, परंपरा और विकास कार्यों की झलक भी दिखाई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियाँ
गणतन्त्र दिवस के मद्देनजर विभिन्न राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। शहरों में प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में है।
जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा राष्ट्रीय पर्व
गणतन्त्र दिवस हर भारतीय के लिए संविधान, लोकतंत्र और समानता का पर्व है। इस दिन देशवासी अपने नागरिक कर्तव्यों का संकल्प लेते हुए राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
26 जनवरी का महत्व: आज हम यह दिन क्यों मनाते हैं?
गणतन्त्र दिवस का सबसे बड़ा महत्व यह है कि 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ था, और हमारा देश पूर्ण रूप से एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
इस दिन देशवासियों को यह याद दिलाया जाता है कि भारत की असली शक्ति उसके संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों में निहित है।
संविधान लागू होने का अर्थ क्या है?
संविधान लागू होने का अर्थ यह है कि देश अब कानून के शासन (Rule of Law) के अनुसार चलता है, जहाँ—
कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है,
हर नागरिक को समान अधिकार प्राप्त हैं,
और देश की शासन व्यवस्था एक निर्धारित नियम और व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होती है।
संविधान ही यह तय करता है कि सरकार कैसे बनेगी, अधिकार कैसे मिलेंगे और नागरिकों की जिम्मेदारी क्या होगी।
नागरिकों के अधिकार: संविधान हमें क्या देता है?
भारत का संविधान हर नागरिक को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करता है, जिनमें मुख्य रूप से—
समानता का अधिकार
स्वतंत्रता का अधिकार
शोषण के विरुद्ध अधिकार
धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
संस्कृति और शिक्षा का अधिकार
संवैधानिक उपचारों का अधिकार
ये अधिकार हर नागरिक को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देते हैं।
नागरिकों के कर्तव्य: हमारा दायित्व क्या है?
संविधान केवल अधिकार ही नहीं देता, बल्कि नागरिकों के लिए मौलिक कर्तव्य भी निर्धारित करता है, जैसे—
राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना
संविधान और कानून का पालन करना
देश की एकता और अखंडता बनाए रखना
सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना
स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना
मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाना
पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना
संदेश
गणतन्त्र दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम केवल उत्सव ही न मनाएं, बल्कि संविधान के प्रति सम्मान, देश के प्रति जिम्मेदारी, और लोकतंत्र के प्रति निष्ठा भी निभाएं।
**जय हिन्द! जय भारत! ✨**

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