लोक निर्माण विभाग के सड़क में जब गड्ढे भरने थे तब इंजीनियर साहब लापता थे, अब पानी भरने के बाद शुरू हुई साइड कटिंग।
आजाद भारत न्यूज़-प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट- जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल
गौरैला-पेंड्रा-मरवाही। (बिलासपुर) जिले की सड़क को आमागोहन से टाटीधार होते हुए पेंड्रा जाने वाले लोक निर्माण विभाग (PWD) के मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि पिछले दो माह से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और सड़क किनारे (साइड शोल्डर) क्षतिग्रस्त होने की जानकारी विभाग को लगातार दी जाती रही, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। अब जब बरसात के कारण सड़क के गड्ढों में पानी भर गया है, तब विभाग ने गड्ढे भरने के बजाय सड़क की कटिंग शुरू कर दी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और गड्ढों की भराई कर दी जाती तो आज यह स्थिति निर्मित नहीं होती। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अब सड़क जगह-जगह और अधिक क्षतिग्रस्त हो गई है। कटिंग के कारण सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।
“मेरा सड़क है, मेरी मर्जी से काम करूंगा”
विवाद उस समय और बढ़ गया जब जनप्रतिनिधियों ने सब डिवीजन इंजीनियर अजय सप्रे से सड़क की स्थिति और कटिंग के संबंध में सवाल किया। आरोप है कि इंजीनियर ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय नाराजगी जताई और कहा कि बरसात में गड्ढे या साइड शोल्डर नहीं भरे जाते, केवल कटिंग की जाती है। इतना ही नहीं, उन्होंने कथित रूप से यह भी कहा कि, “आपको बताकर थोड़ी आऊंगा, मेरा सड़क है, मेरी मर्जी से काम करूंगा।”
इस कथित बयान से जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि एक जिम्मेदार शासकीय अधिकारी से इस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती।

फील्ड में नहीं करते निरीक्षण
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित इंजीनियर नियमित रूप से फील्ड का निरीक्षण नहीं करते। फोन पर भी आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन किए बिना किए जा रहे कार्यों से समस्या का समाधान होने के बजाय और अधिक परेशानी बढ़ रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मार्ग का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए, दुर्घटना की आशंका को तत्काल दूर किया जाए तथा यदि अधिकारियों द्वारा लापरवाही या अभद्र व्यवहार किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाए।




चितरंजन शर्मा (विधायक प्रतिनिधि) का बयान:
“लगभग दो माह पहले हमने लोक निर्माण विभाग के संबंधित इंजीनियर को आमागोहन से टाटीधार होते हुए पेंड्रा मार्ग के दोनों ओर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त साइड शोल्डर को तत्काल भरने के लिए कहा था। समय रहते मरम्मत हो जाती तो आज यह स्थिति नहीं बनती। लेकिन विभाग ने हमारी बात को गंभीरता से नहीं लिया और कोई कार्रवाई नहीं की। अब जब बरसात के कारण गड्ढों में पानी भर गया है, दुर्घटनाएं होने लगी हैं, तब विभाग गड्ढे भरने के बजाय सड़क की कटिंग कर पानी निकालने का काम कर रहा है। यह पहले किया जाना चाहिए था। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। हम मांग करते हैं कि सड़क की तत्काल गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।”
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