जूदेव के नेतृत्व में जनजातीय बच्चों ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा, जल संरक्षण और स्वच्छता का दिया संदेश
आजाद भारत न्यूज़-प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट
बिलासपुर/कोटा। देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से नमामि गंगे के “हर घाट तिरंगा” एवं “हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के ग्राम गोबरीपाट में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में जनजातीय बच्चे, छात्र-छात्राएं और युवा शामिल हुए।

तिरंगा यात्रा के दौरान नन्हे बच्चों और विद्यार्थियों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहराता नजर आया। पूरे उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ निकली इस यात्रा ने गांव में देशप्रेम का वातावरण बनाया। यात्रा के माध्यम से लोगों को केवल तिरंगे के सम्मान का संदेश ही नहीं दिया गया, बल्कि जल संरक्षण, नदी-घाटों की स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया।
जूदेव ने कहा—जल की हर बूंद अनमोल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्र के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना के साथ देश की प्राकृतिक संपदा की रक्षा के लिए भी आगे आए।

उन्होंने कहा कि आज जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। जल की प्रत्येक बूंद अनमोल है और यदि वर्तमान पीढ़ी ने जल स्रोतों के संरक्षण को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने लोगों से जल की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और वर्षा जल के संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
जनजातीय समाज की प्रकृति संरक्षण परंपरा को किया रेखांकित
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि जनजातीय समाज की जीवनशैली सदियों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण से जुड़ी रही है। प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की यह परंपरा आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय बच्चों और युवाओं की तिरंगा यात्रा में सहभागिता विशेष संदेश देती है। एक ओर जहां उनके हाथों में राष्ट्र की शान तिरंगा था, वहीं दूसरी ओर वे जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर लोगों के बीच पहुंचे। यह राष्ट्रभक्ति के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सुंदर उदाहरण है।
विद्यालय में हुआ हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम
ग्राम गोबरीपाट स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जल की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने, नदियों एवं घाटों की स्वच्छता बनाए रखने तथा आसपास के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प
तिरंगा यात्रा और विद्यालयीन कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं विद्यार्थियों ने जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लिया। उन्हें समझाया गया कि जल संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बच्चों के माध्यम से घर-घर तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकना, जल स्रोतों में कचरा नहीं डालना और आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखना छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम हैं।
राष्ट्रभक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के नेतृत्व में निकली यह तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति, जनजातीय गौरव और जल संरक्षण के संदेश का प्रभावी संगम बनी। यात्रा में शामिल बच्चों के हाथों में लहराता तिरंगा और जल संरक्षण के संकल्प ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि देशभक्ति केवल राष्ट्रीय पर्वों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने देश की प्राकृतिक संपदा, नदियों, जल स्रोतों और पर्यावरण की रक्षा करना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नन्हे बच्चों की इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि आज के बच्चे ही कल के स्वच्छ, सुरक्षित, पर्यावरण-संरक्षित और सशक्त भारत के निर्माता हैं।

“नन्हे कदम बढ़ाएँ आगे, तिरंगे की शान लिए,
जल की हर बूंद बचाएँ, दिल में हिंदुस्तान लिए।”
आजाद भारत न्यूज़ के लिए रिपोर्ट।

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