कोटा ब्लॉक में सड़क मरम्मत के नाम पर लापरवाही,दुर्घटना की आशंका, ग्रामीणों ने कलेक्टर और विधायक से की शिकायत।
निम्न गुणवत्ता और बिना सुरक्षा मानकों के कराया जा रहा कार्य, कलेक्टर से की गई शिकायत
आजाद भारत न्यूज़-कोटा/बिलासपुर छत्तीसगढ़
बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत कोटा ब्लॉक कार्यालय से अंतिम ग्राम पंचायत आमागोहन–खोंगसरा तक चल रहे सड़क मरम्मत एवं गड्ढों की भराई कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने आरोप लगाया है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा अत्यंत निम्न गुणवत्ता के साथ कार्य कराया जा रहा है, जिससे न केवल सरकारी राशि की बर्बादी हो रही है, बल्कि आमजन की जान को भी खतरे में डाला जा रहा है।
मामले की शिकायत कलेक्टर बिलासपुर और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव से की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार आंख मूंदकर कार्य कर रहा है। चालू और व्यस्त सड़क पर मरम्मत कार्य के दौरान किसी भी प्रकार के सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। कार्य स्थल पर न तो “ठहरिए – आगे कार्य प्रगति पर है” जैसे चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही झंडे, बैरिकेड या सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की गई है। ऐसे में दिन-रात आवागमन करने वाले दोपहिया, चारपहिया वाहन और पैदल यात्रियों के लिए कभी भी गंभीर सड़क दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।


गुणवत्ता पर भी उठे गंभीर सवाल
सड़क मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर भी स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि सड़क पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयल डाले बिना ही डामर बिछाया जा रहा है। इतना ही नहीं, डामर बिछाने के बाद बेलन भी सही तरीके से नहीं चलाया जा रहा, जिससे सड़क की पकड़ और मजबूती कमजोर हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह कार्य होता रहा तो यह सड़क कुछ ही समय में फिर से उखड़ जाएगी।
निगरानी व्यवस्था पूरी तरह फेल
हैरानी की बात यह है कि कार्य स्थल पर न तो ठेकेदार मौजूद रहता है और न ही संबंधित विभाग का इंजीनियर, जिससे निर्माण कार्य की निगरानी लगभग शून्य हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना तकनीकी देखरेख के मनमाने ढंग से काम कराया जा रहा है, जो नियमों और मानकों के खुले उल्लंघन का मामला है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग–
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क मरम्मत कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित सड़क निर्माण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जब तक सुरक्षा मानकों की पूर्ण व्यवस्था न हो, तब तक कार्य पर रोक लगाने की भी मांग उठ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की होगी।
आजाद भारत न्यूज़ | बिलासपुर (छ.ग.)


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