अप्रैल से शुरू होगा राजस्व पखवाड़ा, 15 जून तक तीन चरणों में चलेगा अभियान
आजाद भारत न्यूज़-रायपुर छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश के नागरिकों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से राजस्व पखवाड़ा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक तीन चरणों में संचालित किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करना और आम जनता को उनके गांव में ही सेवाएं उपलब्ध कराना है।
तीन चरणों में होगा आयोजन
राजस्व पखवाड़ा निम्नलिखित तिथियों में आयोजित किया जाएगा:
पहला चरण (अप्रैल)
➡️ 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक
दूसरा चरण (मई)
➡️ 4 मई 2026 से 18 मई 2026 तक
तीसरा चरण (जून)
➡️ 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक
अभियान का उद्देश्य
इस विशेष अभियान के तहत सरकार का फोकस होगा:
लंबित नामांतरण (Mutation) प्रकरणों का निराकरण
बंटवारा (Partition) मामलों का निपटारा
सीमांकन (Demarcation) संबंधी समस्याओं का समाधान
नक्शा सुधार और रिकॉर्ड दुरुस्ती
ऋण पुस्तिका एवं अन्य राजस्व दस्तावेजों का सुधार
ग्रामीण और किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान
गांव-गांव में लगेंगे शिविर
राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक जिले के गांवों में पहुंचकर शिविरों के माध्यम से सीधे समाधान प्रदान करेंगे। इससे लोगों को तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रशासन को दिए गए निर्देश
राज्य सरकार ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि:
तय समय-सीमा में राजस्व पखवाड़ा आयोजित करें
कार्ययोजना के अनुसार प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें
की गई कार्यवाही की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं
जनता से अपील
सरकार ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने लंबित राजस्व मामलों के समाधान हेतु इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और निर्धारित तिथियों में आयोजित शिविरों में शामिल हों।
आधिकारिक पुष्टि
यह आदेश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीना कंगाले द्वारा जारी किया गया है, जो इस अभियान की गंभीरता और प्राथमिकता को दर्शाता है।
राजस्व पखवाड़ा आम जनता, विशेषकर किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो लंबे समय से लंबित मामलों का तेजी से समाधान संभव है।


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